रिश्ते ,,, एक बहुत ही खूबसूरत डोर लोगो से लोगो के बीच ,रिश्ते जो सहज ही अपने आप बन जाते है ,और या हम जो खुद बनाते है , रिश्ते जहा लोग सुरक्षित ,अपनापन ,महसूस करते है , एक दूसरे की परवाह , करते है ,प्यार से सींचते है ,मदद करते है ,प्रोत्साहित करते है , सुझाव ,समझाइश और हर वक़्त पर हमारे साथ होते है।
क्या यह नहीं है ,यही वह चीज है जो हमें और हम इंसानो को उच्च श्रेणी में रखती है ,
कोई अहसास जो हमें जोड़ कर रखता है ,किसी अन्य को हमसे ,व हमें किसी अन्य व्यक्ति से या किसी वस्तु से ,
इंसानी दिमाग के एक ऐसा भाव ,ख्याल , विचार , वह जोड़े रखता है हर छोटी बातो को , एक रिश्ता सा बन जाता है , ग्राहक का दुकानदार से ,शिक्षक का बच्चो से ,बेटी -पिता ,माँ ,परिवार,दोस्त।धीरे धीरे एक परिवार की तरह ही सब सिमट जाते है ,इंसानी स्वाभाव कितना भी चाहे वह अपनी हर वक्त के भावनाओ को रोक नहीं सकता 🎔,,, ऐसे में स्थितियों को दोष देना कहा तक सही होगा , जब छोटी बातो पर रिश्ते तोड़ दिए जाते है ,
हमारे इतिहास ने यही सिखाया है ,धर्मं ग्रन्थ 📘📙📗 से हमारी उपज नहीं हुई है ये तो महज एक जरिया है खुद को किसी तरीके से याद रखना या खुद की आस्तित्व को सम्हाले रखना।✋
जो था जो है सभी चीजों की शुरुआत तो इंसानो ने ही की है ,बात चाहे किसी भी चीज की में है , .जानवरो ने कभी ग्रन्थ नहीं पढ़े नाह धर्म ,क्या आपने देखा है कुत्ते भी अपने बच्चो को लेकर कितनी सचेत रहती है , 😍 बंदरो के समुदाय में भी यह देखा गया है किसी एक के मरने पर वो विलाप करते है , रिश्ते की देखभाल और उन्हें सहेजते है ,
बस उनमे जुमलों की दिखावा या मतलब नजर नहीं आता , .ये तो सिर्फ अमूमन हम मानव जाति में होता है ,,😟
यहाँ तो आज फायदे में रिश्ते बन रहे ,भावनाये जैसे चीजे नाम मात्रा रह गयी ,,बहुत कम हो गए वो लोग जो भावनाओ में जीते थे शायद वो खुश रहते थे ,😊
रिश्तो में जंग लग जाना 😲,खोट आना सब बेबुनियाद कहावत है ,हमने अपने कोशिश को कभी शायद इतना मजबूत नहीं बनाया 😑 अपने स्वार्थ के बलभुते कहावते लिख ली कमी छुपाने को। ..,,,,,,,,,
इन सबका सार सिर्फ रिश्तो और मानव के स्वाभाव को समझने के लिए कुछ चंद शब्दों के साथ किया गया है , 💝
क्या यह नहीं है ,यही वह चीज है जो हमें और हम इंसानो को उच्च श्रेणी में रखती है ,
कोई अहसास जो हमें जोड़ कर रखता है ,किसी अन्य को हमसे ,व हमें किसी अन्य व्यक्ति से या किसी वस्तु से ,
इंसानी दिमाग के एक ऐसा भाव ,ख्याल , विचार , वह जोड़े रखता है हर छोटी बातो को , एक रिश्ता सा बन जाता है , ग्राहक का दुकानदार से ,शिक्षक का बच्चो से ,बेटी -पिता ,माँ ,परिवार,दोस्त।धीरे धीरे एक परिवार की तरह ही सब सिमट जाते है ,इंसानी स्वाभाव कितना भी चाहे वह अपनी हर वक्त के भावनाओ को रोक नहीं सकता 🎔,,, ऐसे में स्थितियों को दोष देना कहा तक सही होगा , जब छोटी बातो पर रिश्ते तोड़ दिए जाते है ,
हमारे इतिहास ने यही सिखाया है ,धर्मं ग्रन्थ 📘📙📗 से हमारी उपज नहीं हुई है ये तो महज एक जरिया है खुद को किसी तरीके से याद रखना या खुद की आस्तित्व को सम्हाले रखना।✋
![]() |
| Image Source- Creativefabrica.in |
जो था जो है सभी चीजों की शुरुआत तो इंसानो ने ही की है ,बात चाहे किसी भी चीज की में है , .जानवरो ने कभी ग्रन्थ नहीं पढ़े नाह धर्म ,क्या आपने देखा है कुत्ते भी अपने बच्चो को लेकर कितनी सचेत रहती है , 😍 बंदरो के समुदाय में भी यह देखा गया है किसी एक के मरने पर वो विलाप करते है , रिश्ते की देखभाल और उन्हें सहेजते है ,
![]() |
| Image Source- Greenplanet.in |
![]() |
| Image source - Medium.com |
बस उनमे जुमलों की दिखावा या मतलब नजर नहीं आता , .ये तो सिर्फ अमूमन हम मानव जाति में होता है ,,😟
यहाँ तो आज फायदे में रिश्ते बन रहे ,भावनाये जैसे चीजे नाम मात्रा रह गयी ,,बहुत कम हो गए वो लोग जो भावनाओ में जीते थे शायद वो खुश रहते थे ,😊
रिश्तो में जंग लग जाना 😲,खोट आना सब बेबुनियाद कहावत है ,हमने अपने कोशिश को कभी शायद इतना मजबूत नहीं बनाया 😑 अपने स्वार्थ के बलभुते कहावते लिख ली कमी छुपाने को। ..,,,,,,,,,
इन सबका सार सिर्फ रिश्तो और मानव के स्वाभाव को समझने के लिए कुछ चंद शब्दों के साथ किया गया है , 💝
हो सकता है यह विचार सोचने पर मजबूर करे ,यह इस पुरे लेख की कोशिश रहेगी ,की दौड़ते जमाने में आप किस रिश्ते में उलझे है या सुलझ रहे है। आपकी खुशियां किस ओर है। 🖐️



No comments:
Post a Comment