Sunday, March 15, 2020

वक़्त



वक़्त वक़्त की बात है कुछ के अच्छे हालत है 
कोई अब भी लगाए आस है 
किसी ने उठाया बखूबी वक़्त का फायदा 
तो मारी  कुछ ने इसे लात है 

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फंसे है सब इस वक़्त के ही जंजाल में 
बहुतो को इसकी बरसो से तलाश है 

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क्या इतिहास क्या भविष्य कौन बन जाए कब ख़ास 
कौन बन रहे रोज़ ख़ाक यही सबकी हिसाब है 

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इंतजार भी है और पीछा भी छुड़वाना  है 
कैसे है अदब और इसी में जी जाना है 
बदल जाते है लोग जब वक़्त अच्छा हो 
बदलते तो लोग तब भी है जब वक़्त बुरा हो 
ये फितरत है जिसे विधान कहा गया है 

दोष पूरा वक़्त को देना सबका बहाना है। 

🎔🎔🎔




- Vinny 

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