वक़्त वक़्त की बात है कुछ के अच्छे हालत है
कोई अब भी लगाए आस है
किसी ने उठाया बखूबी वक़्त का फायदा
तो मारी कुछ ने इसे लात है
🎔🎔🎔
फंसे है सब इस वक़्त के ही जंजाल में
बहुतो को इसकी बरसो से तलाश है
🎔🎔🎔
क्या इतिहास क्या भविष्य कौन बन जाए कब ख़ास
कौन बन रहे रोज़ ख़ाक यही सबकी हिसाब है
🎔🎔🎔
इंतजार भी है और पीछा भी छुड़वाना है
कैसे है अदब और इसी में जी जाना है
बदल जाते है लोग जब वक़्त अच्छा हो
बदलते तो लोग तब भी है जब वक़्त बुरा हो
ये फितरत है जिसे विधान कहा गया है
दोष पूरा वक़्त को देना सबका बहाना है।
🎔🎔🎔
- Vinny
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