कुछ वक़्त के लिए धुन खाली रखा जाए
ना किरदार हो ना कहानी
किसी किरदार की
ना ज़जबात हो
ना मुखौटे किसी बात की
कुछ वक़्त के लिए धुन संगीत की बस सुनी जाए
महसूस की जाए
तरंगों की तरह
वो जो दिखती है
धुन सुनने से
सिर्फ धुन सुनने से
जिसमे ना हो आवाज
किसी विवाद की
किसी के बर्बाद की
ना आबाद की ना जुमलों की
कैद किसी आग की
कुछ वक़्त के लिए
धुन वो जो वास्तव में संगीत है
उन्हें खाली रखा जाए
ना जाज़बात के बोल
ना किरदार के ढोल
ना कहानी अनसुनी
ना मुखौटे का शोर
बहुत ही प्यारी रचना 👌🏻👌🏻
ReplyDelete